June 15, 2021

हमें क्वांटिटी के साथ-साथ क्वालिटीयुक्त खेती करने की आवश्यकता : मुख्यमंत्री

चण्डीगढ़.स्टारलोकप्रवाह, भगवत दयाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किसानों का आह्वान करते हुए कहा कि हमें क्वांटिटी के साथ साथ क्वालिटी पर ध्यान देते हुए खेती करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह समय की मांग है और वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत हमें क्वालिटी का चैलेंज स्वीकार करके कृषि क्षेत्र में आगे बढना होगा। आमदनी बढानी है तो प्राकृतिक खेती की ओर जाना ही पड़ेगा। यह बात उन्होंने आज पंचकूला में आयोजित एक दिवसीय कृषि कार्यशाला में उपस्थित प्रदेश भर से आए प्रगतिशील किसानों को सम्बोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खुशहाल बागवानी पोर्टल एवं फसल तुड़ाई के बाद प्रबंधन संबंधी जानकारी से युक्त पुस्तिका का लोकार्पण भी किया।
कृषि विभाग द्वारा किसानों की आमदनी दोगुनी करने एवं फसल विविधीकरण को लेकर आयोजित इस कार्यशाला में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता, हरियाणा के बिजली मंत्री श्री रणजीत सिंह और राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे पी दलाल भी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री द्वारा 17 खरीफ फसलों की एमएसपी घोषित करने के लिए उनका आभार जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगतिशील किसान सम्मान हर जिला अनुसार एवं प्रदेश स्तर पर भी प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने प्रगतिशील किसानों का आह्वान किया कि वे हर वर्ष 10-10 और किसानों को ट्रेनिंग दें। इससेे दो से तीन सालों में ही प्रगतिशील किसानों की संख्या कई गुणा बढ जाएगी। उन्होंने कहा कि खेती है तो उद्योग है और तभी सर्विस सैैक्टर है। खेती एवं खनिजों के उत्पादन में जितनी अच्छी क्वालिटी होगी उतना ही समाज के लिए लाभदायक होगा। इससे कृषि क्षेत्र में नई क्रांति आएगी और किसान लोगों का स्वास्थ्य बढाने में मुख्य भूमिका अदा करेंगे।
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि प्रगतिशील किसानों के छोटे छोटे ग्रुप बनाकर उन्हें ट्रेनिंग दे और यह क्रम लगातार चलाएं। इससे कृषि क्षेत्र में बदलाव आएगा। छोटी जोत के किसानों की आमदनी बढाने के अन्य स्त्रोत कैसे विकसित किए जाएं, इस पर फोकस करना है। उन्होंने वर्टिकल फार्मिंग को भी इस दिशा में उपयोगी बताते हुए इस पर ओर अधिक जागरूकता के लिए काम करने को कहा।

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