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October 7, 2022

शिक्षक सम्मेलन में शिक्षकों का करेंगे सम्मान, मूर्ति का करेंगे अनावरण

भदोही.स्टारलोकप्रवाह,  समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शिक्षक दिवस यानी 5 सितंबर को भदोही आ रहे है। यहां वह एक शिक्षक सम्मेलन में शिक्षकों को सम्मानित करने के साथ जनसभा को भी सम्बोधित करेंगे। दरअसल शिक्षक सम्मेलन और सम्मान तो एक बहाना है। जमीनी हकीकत यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री इसी बहाने पूर्वांचल के प्रबुद्ध वर्ग को साधने आ रहे हैं। निश्चित रूप से अगर प्रबुद्ध वर्ग उनके साथ जुड़ता है तो उन्हें एक मजबूत जमीन मिल जाएगी। क्योंकि आगामी विधानसभा में उनका सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और हिंदुत्व के फायर ब्रांड नेता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से है।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस रैली के बहाने पूर्वांचल के प्रबुद्ध वर्ग को साधने का मन बनाया है। क्योंकि शिक्षक सबसे प्रबुद्ध और समाज का आईना होता है। अखिलेश यादव यह सोचते होंगे कि पूर्वांचल में शिक्षकों का अगर एक बड़ा वर्ग समाजवादी पार्टी से जुड़ता है तो इसका सीधा लाभ आगामी विधानसभा चुनाव में होगा। क्योंकि शिक्षक समाज का पथ प्रदर्शक और प्रबुद्ध वर्ग माना जाता है। इनारगांव के एक कालेज में शिक्षकों सम्मानित करने के साथ दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट के पूर्व कुलपति डा. वीराम पांडेय की धर्मपत्नी दिवंगत विमला देवी की प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे। इसी बहाने वह ब्राह्मणों को भी साधने का काम करेंगे।
शिक्षक दिवस के बहाने अखिलेश यादव पूर्वांचल की राजनीति को भी साधने का काम करेंगे। अखिलेश यादव की यह रैली मिर्जापुर मंडल के भदोही जनपद के इनारगांव में आयोजित हो रही है। मिर्जापुर में तीन जनपद मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही है। इसके साथ ही पूर्वांचल के वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, आजमगढ़, बलिया और चंदौली जैसे जनपदों से भी काफी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता यहां आएंगे। समाजवादी पार्टी की तरफ से प्रदेश भर के शिक्षकों को आमंत्रित किया गया है। इस लिहाज से काफी तादात में समाजवादी विचारधारा से जुड़े शिक्षक के यहां आ सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बाहुबली विधायक विजय मिश्र कि विधानसभा ज्ञानपुर में शिक्षकों का सम्मान करेंगे। अखिलेश यादव उस समय भदोही आ रहे हैं जब उनके कभी बेहद करीबी रहे विजय मिश्र भूमि और संपत के अन्य मामलों में जेल में बंद है। काफी अर्से से अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी से उनके रिश्ते खत्म हो गए हैं। सवाल उठता है कि क्या भदोही में विजय मिश्र के साथ और सहयोग के अभाव में सपा, भाजपा से मुकाबला कर पाएगी। उस स्थिति में जब हाल में हुए जिला पंचायत चुनाव में सपा जब अपने घोषित उम्मीदवार का नामांकन तक दाखिल नहीं करा सकी थी। समाजवादी पार्टी में यह बात अर्से से गूंज रहीं है कि गुरु यानी विजय मिश्र के बगैर समाजवादी पार्टी यहाँ से कुछ खास हासिल नहीं कर पाएगी। जबकि कभी भदोही सपा का गढ़ रहा है। लेकिन हिंदुत्व और मोदी-योगी लहर में सपा की सियासी जमींन खींसक गईं है। पार्टी के आतंरिक सूत्रों की माने तो विधायक विजय मिश्र अपनी सियासी गोंट फिट करने में लगे हैं। संभावना जताई जा रहीं है कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह समाजवादी पार्टी का चेहरा हो सकते हैं। क्योंकि दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। अखिलेश यादव विजय मिश्र से भले नाराज रहे हों,लेकिन उनके पिता मुलायम सिंह और चाचा शिवपाल सिंह के विजय मिश्र सबसे भरोसेमंद ब्राह्मण नेता रहे हैं। यह वहीं भदोही है जहाँ मुलायम सिंह यादव मायावती सरकार में मुकदमा लदने के बाद भी खुद मिश्र का हाथ पकड़ कर अपने हेलीकॉप्टर में लेकर उड़ गए थे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अब एक दूसरे की जरूरत वक्त के साथ दोनों को है। वैसे भी बाहुबली विधायक विजय मिश्र की विधानसभा में आयोजित शिक्षक सम्मलेन न कहते हुए भी बहुत कुछ कह जाता है।
दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट के पूर्व कुलपति एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय शिक्षकसभा के प्रदेश अध्यक्ष डा. वीराम पांडेय पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया है कि शिक्षक दिवस पर प्रदेश भर के शिक्षकों को आमंत्रित किया गया है। यह संख्या कितनी होगी यह कहना मुश्किल है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आगमन की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। 5 सितंबर को वह इनार गांव में दोपहर को शिक्षक सम्मेलन को सम्बोधित करने के साथ शिक्षकों का सम्मान करेंगे। मंच को अंतिम रूप दिया जा रहा है और हेलीकॉप्टर के लिए हेलीपैड भी तैयार हो गया है। जिला प्रशासन भी अपने स्तर से पूर्व मुख्यमंत्री की तैयारियों को लेकर सतर्क और सजग है। अखिलेश यादव के आगमन को लेकर समाजवादी पार्टी में काफी उत्साह देखा जा रहा है। रैली को सफल बनाने के लिए समाजवादी की पार्टी के लोग हफ्ते भर पूर्व से काफी मेहनत कर रहे हैं।

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